HIN2FA104(3) Sanchar kaushal ka vikas bhag -II
काल
क्रिया के जिस रूप से कार्य करने या होने के समय का ज्ञान होता है उसे 'काल' कहते है |
काल के तीन भेद है - भूतकाल ,वर्तमानकाल, और भविष्यत काल
जो समय चल रहा है 👉 वर्तमान काल (present Tense)
जो समय बीत चुका है 👉 भूतकाल(Past Tense)
जो समय आने वाला है👉 भविष्यत काल (Future Tense)-
भूतकाल(Past Tense)
क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय का बोध हो ,उसे भूत काल कहते है | भूतकाल के छः रूप है |
(i)सामान्य भूतकाल (Simple Past)- राम ने पुस्तक पढ़ा
(ii) आसन्न भूतकाल (Recent Past) -राम ने पुस्तक पढ़ा है |
(iii)पूर्ण भूतकाल (Complete Past) -राम ने पुस्तक पढ़ा था |
(iv)अपूर्ण भूतकाल (Incomplete Past) -राम पुस्तक पढ़ रहा था |
(v)संदिग्ध भूतकाल (Doubtful Past) -राम ने पुस्तक पढ़ा होगा
(vi)हेतुहेतुमद् भूत (Conditional Past) -
भूतकाल -हिंदी अध्ययन मंडल ऍफ़.एम्
सामान्य भूतकाल -क्रिया के जिस रूप से भूतकाल के किसी विशेष समय का निश्चय नहीं होता ,उसे सामान्य
भूतकाल कहते है|
क्रिया सामान्य भूतकाल क्रिया रूप
चल चला
दौड़ दौड़ा
पी पिया
खा खाया
जा गया
कर किया
हो हुआ
आसन्न भूतकाल -क्रिया के जिस रूप से यह समझा जाये की क्रिया के व्यापार को बीते अधिक समय न हुआ
हो,उसे आसन्न भूतकाल कहते है | सामान्य भूतकाल क्रिया के साथ वर्तमान काल के चिह्न "है" जोड़ कर आसन्न
भूतकाल रूप बनाता है|
सामान्य भूतकाल रूप आसन्न भूतकाल रूप
लडका आया लड़का आया है |
लडके आये लडके आये हैं|
लडकी आयी लडकी आयी है
लडकियाँ आयीं लडकियाँ आयी हैं
चला चला है ,चले हैं,चली है,चली हैं
गया गया है,गए है,गयी है,गयी हैं
पूर्ण भूतकाल
क्रिया के जिस रूप से यह मालूम हो कि उसके व्यापार को समाप्त हुए बहुत समय बीता चुका है,पूर्ण भूतकाल
कहलाता है |
सामान्य भूतकाल पूर्ण भूतकाल
लडका आया लड़का आया था |
लडके आये लडके आये थे |
लडकी आयी लडकी आयी थी
लडकियाँ आयीं लडकियाँ आयी थीं
चला चला था .चले थे,चली थी ,चली थीं
गया गया था ,गये थे ,गयी थी ,गयी थीं
अपूर्ण भूतकाल
क्रिया के जिस रूप से यह माना जाय कि क्रिया भूतकाल में हो रही थी,मगर उसकी
समाप्ति का पता न लगे ,उसे अपूर्ण भूतकाल कहलाता है | सामान्य भूत काल रूप के
साथ ता था /ते थे /ती थी /ती थीं जोड़ने से अपूर्ण भूतकाल रूप बनता है |
सामान्य भूतकाल अपूर्ण भूतकाल
लडका आया लड़का आ रहा था / आता था |
लडके आये लडके आ रहे थे /आते थे
लडकी आयी लडकी आ रही थी /आती थी
लडकियाँ आयीं लडकियाँ आ रही थीं /आती थीं
चला चलता था .चलते थे,चलती थी ,चलती थीं
चल रहा था .चल रहे थे,चल रही थी ,चल रही थीं
जाना जाता था ,जाते थे ,जाती थी ,जाती थीं
जा रहा था,जा रहे थे,जा रही थी ,जा रही थीं
संदिग्ध भूतकाल
क्रिया के जिस रूप से भूतकाल तो पाया जाय किन्तु उसके होने में कुछ संदेह हो,संदिग्ध भूतकाल कहते है| सामान्य भूतकाल की क्रिया के साथ होगा,होंगे,होगी ,होंगी जुड़ने से सदिग्ध भूतकाल रूप बनते है |
लडका आया लड़का आया होगा
लडके आये लडके आये होंगे
लडकी आयी लडकी आयी होगी
लडकियाँ आयीं लडकियाँ आयी होंगी
चला चला होगा,चले होगे,चली होगी,चली होंगी
गया होगा,गये होगे,गयी होगी.गयी होंगी
हेतु हेतुमद भूतकाल
क्रिया के जिस रूप से यह पाया जाय कि कार्य का भूतकाल में होना संभव था ,मगर किसी कारणवश नहीं हो सका,हेतु हेतुमद भूतकाल कहते है |
अगर वह आता तो मैं जाता
'ने' का नियम
1. कर्तृवाच्य में यदि कोई सकर्मक क्रिया भूतकाल के सामान्य,आसन्न,पूर्ण अपूर्ण भूतकाल रूपों में
आता है तो कर्ता के साथ 'ने' प्रत्यय लगता है।
राम ने आम खाया
2.'ने' प्रत्यय लगते समय क्रिया कर्ता के लिंग वचन के अनुसार न बदलकर कर्म के लिंग ,वचन के अनुसार बदलता है |
राम ने पुस्तक पढ़ी , सीता ने कपड़े खरीदे
3.वाक्य में कर्म के न रहने पर क्रिया हमेशा पुल्लिंग एक वचन होता है |
सीता ने खाया |
लडकों ने गाया
शंकर ने खेला
4.वाक्य में कर्ता के साथ 'ने' प्रत्यय और कर्म के साथ 'को प्रत्यय लगने पर क्रिया हमेशा पुल्लिंग एक
वचन होता है |
माँ ने बच्चों को खिलाया|
लडके ने बिल्ली को मारा |
5. बोलना, भूलना ,लाना , क्रियाओं के प्रयोग करते वक्त कर्ता के साथ 'ने' प्रत्यय नहीं लगाता
हम सभा में बोले |
राम आम लाया |
मैं भूल गया
6.सक,चुक,लग क्रियाओं के प्रयोग करते वक्त कर्ता के साथ 'ने' प्रत्यय नहीं लगाता
लडके क्रिकेट खेलने लगे |
ललिता पाठ लिख चुकी |
वर्तमान काल
वर्तमान काल (present Tense)
वर्तमान काल के तीन भेद है-
(i)सामान्य वर्तमानकाल
(ii)अपूर्ण वर्तमानकाल|
(III)संदिग्ध वर्तमानकाल
सामान्य वर्तमानकाल
क्रिया का वह रूप जिससे सामान्य रूप से क्रिया का वर्तमान काल में होना पाया जाय ,सामान्य वर्तमान काल
कहते है |धातु के साथ पुरुष,लिंग और वचन के अनुसार ‘ता हूँ’‘,’ती हूँ’,’ते हो’,ती हो’,’ता है’,’ते है’,’ती है’
आदि जुड़ने से सामान्य वर्तमान काल रूप बनता है |
मैं (पुल्लिंग ) | जा | ता हूँ |
मैं (स्त्री लिंग ) | जा | ती हूँ |
तुम (पुल्लिंग ) | जा | ते हो |
तुम (स्त्री लिंग ) | जा | ती हो |
वह (पुल्लिंग ) | जा | ता है |
वह (स्त्री लिंग ) | जा | ती है |
वे (पुल्लिंग ) | जा | ते हैं |
वे (स्त्री लिंग ) | जा | ती हैं |
लड़का | जा | ता है |
लडके | जा | ते हैं |
लडकी | जा | ती है |
लडकियाँ | जा | ती हैं |
अपूर्ण वर्तमानकाल|
क्रिया का वह रूप जिससे यह मालूम हो कि क्रिया अभी जारी है अपूर्ण वर्तमान काल कहते है | धातु के साथ पुरुष,लिंग और वचन के अनुसार ‘रहा हूँ’‘,’रही हूँ’,’रहे हो’,रही हो’,’रहा है’,’रहे है’,’रही है’ आदि जुड़ने से अपूर्ण वर्तमान काल रूप बनता है |
मैं (पुल्लिंग ) | जा | रहा हूँ |
मैं (स्त्री लिंग ) | जा | रही हूँ |
तुम (पुल्लिंग ) | जा | रहे हो |
तुम (स्त्री लिंग ) | जा | रही हो |
वह (पुल्लिंग ) | जा | रहा है |
वह (स्त्री लिंग ) | जा | रही है |
वे (पुल्लिंग ) | जा | रहे हैं |
वे (स्त्री लिंग ) | जा | रही हैं |
लड़का | जा | रहा है |
लडके | जा | रहे हैं |
लडकी लडकियाँ | जा जा | रही है रही हैं |
संदिग्ध वर्तमान काल
क्रिया का वह रूप जिससे वर्तमान काल की क्रिया के होने में संदेह पाया जाय संदिग्ध
वर्तमान काल कहते है | धातु के साथ पुरुष,लिंग और वचन के अनुसार ‘ता हूँगा ’‘,’ती
हूँगी ’,’ता होगा,ती होगी ’,ता होगा ’,’ते होंगे ’,’ती होगी ’ ,ती होंगी आदि जुड़ने से
संदिग्ध वर्तमान काल बनता है |
मैं (पुल्लिंग ) | जा | ता हूँगा |
मैं (स्त्री लिंग ) | जा | ती हूँगी |
तुम (पुल्लिंग ) | जा | ता होगा |
तुम (स्त्री लिंग ) | जा | ती होगी |
वह (पुल्लिंग ) | जा | ता होगा |
वह (स्त्री लिंग ) | जा | ती होगी |
वे (पुल्लिंग ) | जा | ते होंगे |
वे (स्त्री लिंग ) | जा | ती होंगी |
लड़का | जा | ता होगा |
लडके | जा | ते होंगे |
लडकी लडकियाँ | जा जा | ती होगी ती होंगी |
सामान्य वर्तमान काल | तात्कालिक/अपुर्ण वर्तमान | संदिग्ध वर्तमान काल |
राम चलता है | राम चल रहा है | राम चलता होगा |
सीता चलती है | सीता चल रही है | सीता चलती होगी |
वह चलता है | वह चल रहा है | वह चलता होगा |
वे चलते हैं | वे चल रहे हैं | वे चलते होंगे |
वर्तमानकाल -हिंदी अध्ययन मंडल ऍफ़.एम्
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भविष्यत काल (Future Tense)
(ii) सम्भाव्य भविष्यत काल
सामान्य भविष्यत काल
क्रिया का वह रूप जिससे सामान्य रीति से क्रिया के आगे होने की सूचना मिले ,सामान्य भूतकाल कहते है |धातु के साथ पुरुष,लिंग और वचन के अनुसार ऊँगा,ऊँगी,एगा.एगी आदि जुड़ने से सामान्य भविष्यत कालीन रूप बनता है |
मैं (पुल्लिंग ) | जा | ऊँगा |
मैं (स्त्री लिंग ) | जा | ऊँगी |
तुम (पुल्लिंग ) | जा | ओगे |
तुम (स्त्री लिंग ) | जा | ओगी |
वह (पुल्लिंग ) | जा | एगा |
वह (स्त्री लिंग ) | जा | एगी |
वे (पुल्लिंग ) | जा | येंगे |
वे (स्त्री लिंग ) | जा | येंगे |
लड़का | जा | एगा |
लडके | जा | एंगे |
लडकी | जा | एगी |
लडकियाँ | जा | येंगी |
संभाव्य भविष्यत काल
मैं (पुल्लिंग ) | जा | ऊँ |
मैं (स्त्री लिंग ) | जा | ऊँ |
तुम (पुल्लिंग ) | जा | ओ |
तुम (स्त्री लिंग ) | जा | ओ |
वह (पुल्लिंग ) | जा | ए |
वह (स्त्री लिंग ) | जा | ए |
वे (पुल्लिंग ) | जा | यें |
वे (स्त्री लिंग ) | जा | यें |
लड़का | जा | ए |
लडके | जा | एं |
लडकी | जा | ए |
लडकियाँ | जा | यें |
भविष्यत काल HAM FM
वह तोड़ती पत्थर - निराला
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' हिन्दी कविता के छायावादी युग के प्रमुख कवियों में से थे
विष पीकर अमृत बरसाने वाला कवि
हिन्दी में मुक्तछंद के प्रवर्तक
यथार्थ को प्रमुखता से चित्रित किया
'समन्वय' ,'मतवाला' और 'सुधा' का सम्पादन
निराला ने हिंदी कविता को एक आग दी, जो आज तक जल रही है
'अनामिका' काव्य संकलन की कविता
कविता-संग्रह : आराधना, गीतिका, अपरा, परिमल, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता ...........
विष पीकर अमृत बरसाने वाला कवि
हिन्दी में मुक्तछंद के प्रवर्तक
यथार्थ को प्रमुखता से चित्रित किया
'समन्वय' ,'मतवाला' और 'सुधा' का सम्पादन
निराला ने हिंदी कविता को एक आग दी, जो आज तक जल रही है
'अनामिका' काव्य संकलन की कविता
कविता-संग्रह : आराधना, गीतिका, अपरा, परिमल, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता ...........
उपन्यास : बिल्लेसुर बकरिहा, अप्सरा, अलका, कुल्लीभाट..........
कहानी-संग्रह : सुकुल की बीवी, लिली, चतुरी चमार, महाभारत, सम्पूर्ण कहानियाँ।
मूल नाम वैधनाथ मिश्र
हिंदी/मैथिलि के लेखक
मैथिलि में 'यात्री'उपनामसे लेखन
जन कवि,जन तन्त्र के कवि
राजनैतिक कविताओं के कवि
लोकधर्मी जनचेतना के कवि
किसी भाषा में कही या लिखी गयी बात का किसी दूसरी भाषा में सार्थक परिवर्तन अनुवाद (Translation) कहलाता है। 'अनुवाद'शब्द अनु+वाद से बना है |संस्कृत शब्द 'वद' का अर्थ है 'बोलना'|उसके आगे 'अनु' उपसर्ग लगाने से अनुवाद शब्द बनता है|
इसका अर्थ होता है 'पुनः कथन या 'बाद में कहना '|
अनुवाद करने के लिए दो भाषाओं की आवश्यकता है -श्रोत भाषा और लक्ष्य भाषा |
श्रोत भाषा - जिस भाषा से अनुवाद करना है |
लक्ष्य भाषा - जिस भाषा में अनुवाद करना है
अनुवाद करनेवाले व्यक्ति को अनुवादक (Translator) कहते है |
अनुवादक के गुण
👉 श्रोत भाषा का सही ज्ञान
👉 लक्ष्य भाषा का सही ज्ञान
👉 विषय का ज्ञान
👉 तटस्थता
अनुवाद के प्रकार
👉 शब्दानुवाद
👉 भावानुवाद
👉 छायानुवाद
👉 सारानुवाद
👉 व्याख्यानुवाद
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